Wednesday, July 29, 2009

आह्सिता!आहिस्ता!

बीतेगी रात फिर आएगा नया दिन-आहिस्ता,आहिस्ता.
आज हैं हम फिर छूट जायेगा यह साथ-आह्सिता,आह्सिता.
याद रहेगी कुछ देर मेरी फिर यह अहसास भी मिट जायेगा-आह्सिता!आहिस्ता!

1 comment:

vodkashots said...

m waiting for that day...!!!