मुझे एक सिरहाने से रिश्ते की ख्वाइश है.
एक दिन चाहिये गुलमोहर सा,
जो ख़तम होता हो रात की रानी में.
एक रिश्ता चाहिए भरोसे जैसा.
बात होती हो रोज जिसमें सबकी,
कुछ तेरी-कुछ मेरी दुनिया की,
सभी खुशियों की और सभी ग़मों की,
कुछ तेरी-कुछ मेरी दुनिया के,
ढूंढ होती हो जिसमें आँखों में ,
सिर्फ एहसास समझने के लिए,
कोई उत्तर ढूँढने के लिये नहीं,
भरोसा हो एक-दुसरे के दिल पर,
सब पल का एक पल और प्यार पर.
कुछ तेरी-कुछ मेरी दुनिया की,
सभी खुशियों की और सभी ग़मों की,
कुछ तेरी-कुछ मेरी दुनिया के,
ढूंढ होती हो जिसमें आँखों में ,
सिर्फ एहसास समझने के लिए,
कोई उत्तर ढूँढने के लिये नहीं,
भरोसा हो एक-दुसरे के दिल पर,
सब पल का एक पल और प्यार पर.
2 comments:
wow...u wrote this,really after such a long tym kuch accha padhne ko mila.
Thanks for motivation
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